सुजानपुर टिहरा नगर परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव पर हाईकोर्ट का नोटिस, अंतिम फैसले के अधीन रहेगा चुनाव

सुजानपुर टिहरा नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर दायर याचिका पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव इस मामले में आने वाले अंतिम फैसले के अधीन रहेगा।

न्यायमूर्ति ज्योत्स्ना रीवाल दुआ की एकल पीठ ने बलविंदर सिंह सहित चार पार्षदों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान एसडीएम-कम-रिटर्निंग ऑफिसर ने हिमाचल प्रदेश म्युनिसिपल इलेक्शन रूल्स, 2015 का उल्लंघन करते हुए गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट) की बजाय हाथ खड़े करवाकर मतदान कराया। याचिका में कहा गया है कि नियमों के अनुसार चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जाना चाहिए था, इसलिए निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को अवैध घोषित किया जाए।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता अनूप रत्न ने याचिका की विचारणीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243ZG(b) तथा हिमाचल प्रदेश म्युनिसिपल एक्ट, 1994 के तहत चुनाव संबंधी विवाद केवल चुनाव याचिका के माध्यम से ही उठाए जा सकते हैं।

वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुल बंसल ने तर्क दिया कि पार्षदों का प्रत्यक्ष चुनाव और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का अप्रत्यक्ष चुनाव अलग प्रक्रियाएं हैं। इसलिए इस मामले में रिट याचिका सुनवाई योग्य है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर कानूनी प्रश्नों से जुड़ा मानते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। अदालत ने प्रतिवादी संख्या 5 और 6 को तीन दिनों के भीतर नोटिस तामील करने तथा सभी प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने अंतरिम आदेश में कहा है कि सुजानपुर टिहरा नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित उम्मीदवारों का चुनाव इस रिट याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।

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Author: powan dhiman

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