दियोटसिद्ध (हमीरपुर), शनिवार। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में शनिवार को आस्था, भक्ति और विश्वास का अनूठा दृश्य देखने को मिला। पंजाब के जालंधर निवासी एवं वर्तमान में इटली में रह रहे एक परिवार की मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु प्रिंस कुमार ने शाहतलाई से दियोटसिद्ध तक करीब 4 किलोमीटर की कठिन दंडवत यात्रा कर बाबा बालकनाथ के चरणों में शीश नवाया। कड़ी धूप और चढ़ाई के बावजूद उनकी अटूट श्रद्धा ने सभी श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया।
जानकारी के अनुसार जालंधर की अमनदीप कौर और उनके पति सिमरनजीत सिंह की पहले से दो बेटियां थीं। पुत्र प्राप्ति की कामना लेकर परिवार ने बाबा बालकनाथ के दरबार में अरदास लगाई थी। पिछले वर्ष चैत्र मास के मेलों के दौरान अमनदीप कौर के भाई प्रिंस कुमार ने बाबा की पवित्र गुफा में संकल्प लिया था कि यदि उनकी बहन के घर पुत्र का जन्म होगा तो वह शाहतलाई से दियोटसिद्ध तक दंडवत यात्रा कर बाबा के दर्शन करेंगे।
बाबा की कृपा से कुछ समय बाद अमनदीप कौर ने पुत्र को जन्म दिया। मन्नत पूरी होने पर प्रिंस कुमार ने शनिवार को अपना संकल्प पूरा करते हुए लगभग चार किलोमीटर की दंडवत यात्रा कर बाबा बालकनाथ के दरबार में माथा टेका।
प्रिंस कुमार ने बताया कि उनके परिवार की बाबा बालकनाथ में गहरी आस्था है और वे हर वर्ष चैत्र मास के मेलों में दर्शन के लिए दियोटसिद्ध आते हैं। उन्होंने कहा कि यह बाबा की असीम कृपा है कि उनकी मनोकामना पूरी हुई और उसी श्रद्धा के भाव से उन्होंने यह कठिन यात्रा संपन्न की।
इस दौरान उनके साथ परिवार के सदस्य पलविंद्र सिंह, सोनू, संदीप राणा, इंद्रजीत सिंह और बॉबी भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी यात्रा के दौरान उनका उत्साहवर्धन किया। श्रद्धालु की इस अनोखी आस्था ने मंदिर परिसर में मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया और सभी ने बाबा बालकनाथ की महिमा का गुणगान किया।
