अनुसूचित जाति वर्ग के इच्छुक मत्स्य पालकों के लिए सुनहरा अवसर – 10 टन प्रतिदिन क्षमता के आइस प्लांट की स्थापना हेतु ₹24 लाख तक का अनुदान

मत्स्य पालन विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) के अंतर्गत जिला मंडी में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के पात्र मत्स्य पालकों एवं उद्यमियों के लिए 10 टन प्रतिदिन क्षमता वाले आधुनिक आइस प्लांट की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कुल परियोजना लागत का 60 प्रतिशत (अधिकतम ₹24 लाख) तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। ये जानकारी सहायक निदेशक मत्स्य मंडी नीतू सिंह ने बताया कि

परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹40 लाख निर्धारित की गई है, जिसमें लगभग ₹20.50 लाख भवन निर्माण तथा ₹19.50 लाख आइस प्लांट मशीनरी पर व्यय किए जाएंगे। शेष राशि का वहन लाभार्थी द्वारा किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत लगभग 10.44 मीटर × 7.39 मीटर क्षेत्रफल में भवन का निर्माण किया जाएगा।

स्थापित किए जाने वाले आइस प्लांट में आधुनिक एवं आवश्यक उपकरण शामिल होंगे, जिनमें ब्राइन टैंक (सभी आवश्यक फिटिंग सहित), 50 स्टेनलेस स्टील आइस कैन, कूलिंग यूनिट तथा आइस क्रशिंग मशीन प्रमुख हैं।

यह आइस प्लांट मत्स्य उत्पादों के संरक्षण, भंडारण एवं परिवहन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इसके स्थापित होने से जिले में मत्स्य व्यवसाय को नई गति मिलेगी, गुणवत्तापूर्ण बर्फ की उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

योजना का लाभ लेने के इच्छुक अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र एवं आर्थिक रूप से सक्षम मत्स्य पालक/उद्यमी आवश्यक दस्तावेज, जैसे भूमि संबंधी अभिलेख, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, आवेदन पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र आदि के साथ कार्यालय सहायक निदेशक, मत्स्य, मत्स्य मंडल, मंडी में संपर्क कर सकते हैं। जिन आवेदकों के पास स्वयं की भूमि उपलब्ध नहीं है, उनके लिए कम से कम 10 वर्ष की पंजीकृत लीज पर भूमि होना आवश्यक है।

अधिक जानकारी के लिए इच्छुक लाभार्थी कार्यालय समय में अपने निकटतम मत्स्य कार्यालय अथवा कार्यालय सहायक निदेशक, मत्स्य, मत्स्य मंडल, मंडी से संपर्क कर सकते हैं।

मत्स्य पालन विभाग ने अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र मत्स्य पालकों से इस लाभकारी योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया है, ताकि जिले में आधुनिक मत्स्य अवसंरचना का विकास हो तथा मत्स्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।

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Author: powan dhiman

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