बड़सर उपमंडल की ग्राम पंचायत जमली के नोहान गांव निवासी 42 वर्षीय सिद्धू कुमार पिछले करीब 18 महीनों से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं और उनका उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है।
परिजनों के अनुसार सिद्धू कुमार का हर सप्ताह डायलिसिस किया जा रहा है। दवाइयों, जांच और अस्पताल आने-जाने पर हर सप्ताह 8 हजार रुपये से अधिक खर्च हो रहा है। लगातार बढ़ते इलाज के खर्च ने गरीब परिवार की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह डगमगा दिया है।
सिद्धू कुमार ही परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, लेकिन बीमारी के चलते उनका कामकाज बंद हो गया है। इलाज में अब तक वर्षों की जमा-पूंजी भी खर्च हो चुकी है। ऐसे में परिवार के सामने एक ओर सिद्धू कुमार की जिंदगी बचाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर दो बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है।
सिद्धू कुमार की पत्नी नवीता देवी ने भावुक अपील करते हुए कहा कि अब हर बार पीजीआई जाना, डायलिसिस करवाना और दवाइयों का इंतजाम करना उनके लिए संभव नहीं रह गया है। उन्होंने समाज के दानी सज्जनों, सामाजिक संस्थाओं और सक्षम लोगों से मानवीय आधार पर सहायता की अपील की है। उनका कहना है कि छोटी-सी आर्थिक मदद भी उनके परिवार के लिए बड़ी राहत और सिद्धू कुमार के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।