आपदा के समय सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाने वाले ‘आपदा मित्र’ अब केवल राहत एवं बचाव तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जिले के नशा मुक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और यातायात प्रबंधन जैसे जनहित अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। यह बात उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने हमीर भवन में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान कही।
दियोटसिद्ध के चैत्र मास मेलों में श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात व्यवस्था को सफलतापूर्वक संभालने वाले आपदा मित्रों को इस अवसर पर प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। उपायुक्त ने उनके अनुशासित और समर्पित कार्य की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षित स्वयंसेवक किसी भी संकट की घड़ी में प्रशासन और आम जनता के बीच सबसे मजबूत कड़ी साबित होते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्राकृतिक या अन्य आपदा के दौरान बचाव दल के मौके पर पहुंचने से पहले स्थानीय लोग ही सबसे पहले सहायता के लिए आगे आते हैं। इसी सोच के तहत जिले में युवाओं को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, ताकि वे शुरुआती राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से कर सकें।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में इन प्रशिक्षित युवाओं को सामाजिक जागरूकता और जनहित से जुड़े विभिन्न अभियानों में भी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, जिससे उनकी क्षमता का व्यापक उपयोग हो सके।
कार्यक्रम में डीडीएमए की प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण प्रभारी समीक्षा शर्मा, जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के प्रभारी भानु शर्मा, स्वयंसेवी संस्था एडूकेयर के अधिकारी गुरजीत सिंह भुल्लर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।