हमीरपुर। दिव्यांग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में हमीरपुर की सत्र-सह-विशेष अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। सत्र-सह-विशेष न्यायाधीश हमीरपुर पंकज शर्मा की अदालत ने 13 अगस्त 2026 को आरोपी को बीएनएस की धारा 65(2) के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने आरोपी को POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत भी दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस जुर्माने की अदायगी न करने पर भी एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता सुनने और बोलने में असमर्थ थी। 17 दिसंबर 2024 को वह अपने घर जा रही थी। इसी दौरान आरोपी उसे अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोप साबित करने के लिए कुल 22 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज करवाए।
मामले की पैरवी जिला न्यायवादी हमीरपुर संदीप अग्निहोत्री ने की। अदालत के इस फैसले को नाबालिग पीड़ितों के विरुद्ध यौन अपराधों के मामलों में कड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है।