नादौन में परामर्श शिविर को लेकर गहमागहमी, अनुमति पर उठे सवाल

नादौन में परामर्श शिविर को लेकर गहमागहमी, अनुमति पर उठे सवाल

नादौन। नादौन शहर के गीता भवन में बुधवार को सामाजिक संस्था अमोघ संकल्प की ओर से आयोजित परामर्श शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब शिविर के आयोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। मामले की जानकारी मिलने पर कुछ पुलिस कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग प्रदेश के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन एवं विधायक डॉ. जनक राज से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श लेने के लिए पहुंच चुके थे।

मौके पर स्थिति स्पष्ट करते हुए डॉ. जनक राज ने कहा कि शिविर के आयोजन के लिए संस्था की ओर से समय रहते अनुमति हेतु आवेदन किया गया था, लेकिन अनुमति देने में कथित तौर पर जानबूझकर देरी की गई। उन्होंने कहा कि समय कम होने के कारण विभाग को शिविर में परामर्श देने की सूचना दी गई थी।

डॉ. जनक राज ने आरोप लगाया कि शिविर का आयोजन न होने देने के लिए अन्य माध्यमों से भी दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन जनहित में आयोजित किए जा रहे स्वास्थ्य परामर्श शिविर को लेकर इस तरह की स्थिति पैदा होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों के दौरान कथित दबाव के चलते पहले एक स्थान और बाद में दूसरे निर्धारित स्थल के मालिकों ने असहजता जताई। इसके बाद बुधवार सुबह ही व्यवस्था करते हुए तीसरे स्थल गीता भवन में शिविर आयोजित किया गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जनसेवा और जनहित के लिए लगाए गए इस परामर्श शिविर से आखिर किन लोगों को डर लग रहा है।

मौके पर बनी गहमागहमी के बावजूद डॉ. जनक राज ने शिविर में पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों को चिकित्सीय परामर्श देना जारी रखा। इस दौरान करीब डेढ़ सौ लोग शिविर में पहुंचे। इनमें सुजानपुर, हमीरपुर, कांगड़ा सहित अन्य क्षेत्रों से आए लोग भी शामिल रहे।

इस बीच जब पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता विजय अग्निहोत्री को मामले की जानकारी मिली तो वह भी अन्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ गीता भवन पहुंचे। विजय अग्निहोत्री शिविर के समापन तक मौके पर मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते रहे।

स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस विभाग से मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने बातचीत के बाद वापस लौट गए। इसके बाद शिविर शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा। शिविर के समापन पर डॉ. जनक राज ने मरीजों और उनके तीमारदारों को आवश्यक चिकित्सीय सलाह देने के बाद वहां से प्रस्थान किया। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा बनी हुई है और शिविर की अनुमति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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Author: powan dhiman

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