। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर समेत प्रदेश के अधिकांश प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में हिमकेयर योजना के तहत कैंसर मरीजों को मिलने वाली निशुल्क उपचार सुविधा में बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियमों के लागू होने के बाद अब हिमकेयर पैकेज के तहत कैंसर रोगियों को केवल वही दवाइयां निशुल्क उपलब्ध होंगी, जो अस्पताल की आवश्यक दवा सूची यानी ईडीएल (Essential Drug List) में शामिल हैं।
नए प्रावधान के तहत मरीज अब सिविल सप्लाई अथवा निजी मेडिकल स्टोर से अपनी जरूरत की दवाइयां खरीदकर उन्हें हिमकेयर पैकेज के तहत क्लेम नहीं कर सकेंगे। इससे ऐसे कैंसर मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है, जिन्हें उपचार के दौरान ईडीएल में शामिल नहीं होने वाली महंगी दवाइयों की आवश्यकता पड़ती है।
हर माह 200 से 250 कैंसर मरीज पहुंच रहे अस्पताल
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में हर माह औसतन 200 से 250 कैंसर मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में जगह की कमी के चलते फिलहाल कैंसर मरीजों के लिए करीब आठ बिस्तरों की व्यवस्था है। हालांकि मरीजों के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात है।
जानकारी के अनुसार हिमकेयर योजना में किए गए इन बदलावों को प्रदेश के टांडा मेडिकल कॉलेज, नेरचौक मेडिकल कॉलेज मंडी सहित अधिकांश बड़े चिकित्सा संस्थानों में भी लागू किया जा चुका है।
ईडीएल में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध : मेडिकल अधीक्षक
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मेडिकल अधीक्षक डॉ. देश राज शर्मा ने बताया कि हिमकेयर योजना के संबंध में नई अधिसूचना जारी हुई है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में ईडीएल के तहत पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हिमकेयर योजना के पैकेज के तहत सिविल सप्लाई अथवा बाहरी मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदने की व्यवस्था बंद कर दी गई है। अस्पताल में ईडीएल में शामिल दवाइयां उपलब्ध करवाने पर ही हिमकेयर पैकेज के तहत उनका लाभ दिया जाएगा।