केक नहीं, बच्चों के भविष्य की खुशियां चुनीं; राजन ने पौधारोपण से दिया संदेश

भगेटू, 3 सितंबर। दिव्यांगता को कमजोरी नहीं, बल्कि हौसले की पहचान बनाने वाले भगेटू निवासी एवं हिमाचल प्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजन कुमार ने अपना जन्मदिन इस बार भी समाजसेवा को समर्पित किया। उन्होंने राजकीय माध्यमिक पाठशाला भगेटू में स्कूली बच्चों के बीच जन्मदिन मनाकर शिक्षा, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

 

राजन कुमार ने बच्चों को कॉपियां, पेंसिल और अन्य शिक्षण सामग्री वितरित की। बच्चों के साथ समय बिताने के साथ मनोरंजक गतिविधियों में भाग लिया और उन्हें भोजन भी करवाया। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने और मुश्किल परिस्थितियों के सामने कभी हार न मानने के लिए प्रेरित किया।

 

जन्मदिन के मौके पर विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया। राजन कुमार ने हरड़, बेहड़ा, आंवला और जामुन के पौधे लगाए। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना शुरुआत भर है, उसकी नियमित देखभाल और संरक्षण करना असली जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों से अपने जन्मदिन और अन्य विशेष अवसरों पर पौधा लगाने तथा उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

 

राजन कुमार ने कहा कि जन्मदिन सिर्फ अपनी खुशियां मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के लिए कुछ अच्छा करने का दिन भी होना चाहिए। बच्चों की शिक्षा में सहयोग और पर्यावरण संरक्षण से बेहतर जन्मदिन उनके लिए कुछ नहीं हो सकता।

 

100 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद मिसाल कायम

 

राजन कुमार स्वयं 100 प्रतिशत दिव्यांग हैं और व्हीलचेयर के सहारे जीवन जीते हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। खेल, सामाजिक सेवा, दिव्यांगजनों के अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनकी सक्रियता लगातार जारी है। उनका जीवन और कार्य अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

 

विद्यालय परिवार ने सराहा

 

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य संदीप कुमारी, शिक्षक सूची चंदेल, मनोरमा व प्रियंका शर्मा, स्टाफ सदस्य अनिता कुमारी व मंजू कुमारी सहित नरेश कुमार, अंजना कुमारी और अन्य सदस्य मौजूद रहे। विद्यालय परिवार ने राजन कुमार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को पढ़ाई के साथ सेवा, संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हैं।

 

राजन कुमार ने साबित कर दिया कि जन्मदिन की असली खुशी केक काटने में नहीं, बल्कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने और समाज के लिए कुछ अच्छा करने में है।

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Author: powan dhiman

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